एक छोटे गांव से पहली पीढ़ी की उद्यमी बनने तक का सफर
संघर्ष, मेहनत और जोखिम के दम पर अपनी राह बनाने वालों की कहानी।
SUCCESS FRONT सक्सेस फ्रंट
परिवार में कोई कारोबार नहीं था, न कोई तैयार नेटवर्क। फिर भी एक छोटी सिलाई इकाई से शुरू हुआ काम आज चालीस लोगों को रोजगार देता है।
पहला मोड़
एक स्थानीय स्वयं सहायता समूह से मिला पहला ऑर्डर।
सबसे बड़ी सीख
“हर महीने का हिसाब लिखो, चाहे मुनाफा हो या नुकसान।”
अब आगे
अगला लक्ष्य पास के दो जिलों में आपूर्ति और एक छोटा प्रशिक्षण केंद्र।