एक छोटी पहल जिसने पूरे कस्बे की तस्वीर बदल दी
मुश्किल हालात में समाधान खोजने वाले लोगों और समुदायों की कहानी।
POSITIVE FRONT पॉजिटिव फ्रंट
कस्बे की एक गली में शुरू हुई सफाई और मरम्मत की मुहिम कुछ ही महीनों में पूरे इलाके तक पहुंच गई। इसके पीछे कोई बड़ा बजट नहीं, बल्कि लगातार किया गया छोटा-छोटा काम था।
शुरुआत कैसे हुई
कुछ युवाओं ने हर रविवार दो घंटे देने का फैसला किया। पहले महीने सिर्फ आठ लोग जुड़े।
नतीजा
- तीन सार्वजनिक नल दोबारा चालू हुए
- स्कूल के रास्ते की रोशनी ठीक हुई
- नगर पालिका ने कचरा उठाने का समय तय किया
बदलाव तब टिकता है जब जिम्मेदारी बंटती है।